हमने बचपन में शेर और खरगोश की कहने पढ़ी थी .उसमें खरगोश अपनी सूझ-बुझ से शेर को कुएँ में कूदने को विवश कर देता है और जंगल के समस्त जानवरों को इस खूंखार शेर के आतंक से मुक्ति दिला देता है .कहानी का conclusion इस प्रकार दिया जाता है -“जिसके पास बुद्धि है ,उसी के पास शक्ति है ,देखा आपने !!!!खरगोश की वजह से दुर्दांत शेर का वध किया गया | ”
मनुष्य और जानवरों के बीच इतना अंतर है की मनुष्य के पास बुद्धि नाम की एक power है जो जानवरों के पास नहीं है और बुद्धि के बल से ही मनुष्य सिंह और हाथी जैसे विशालकाय जानवरों को भी अपने वश में कर लेता है |क्या आप जानते है बुद्धि हमारे लिए कितनी आवश्यक है और इस दुनिया में केवल आधे से ज्यादा लोग ही जानते है | जानिए आखिर क्या मामला है
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बुद्धि एक परम तत्व है ,यह ईश्वर का दिया हुआ अपना साथी है जो हर अच्छे-बुरे समय में आपका साथ देता है | बुद्धि ही ऐसी power है जो इंसान को बुराई में जाने से रोकती है और मन को विकार से दूर रखने के लिए हर इन्द्रियों को अपने नियंत्रण में रखती है |क्या आप जानते है इस दुनिया में ऐसा कोई इंसान नहीं हुआ जो अपनी बुद्धि के विकास के बिना सबके दिल को जीत लिया हो | आखिर ऐसी क्या बात है इस दुनिया में बहुत से ऐसे मनुष्य है जो अपनी बुद्धि को पूरी तरह से प्रयोग नहीं करते | निष्कर्ष पर जाने तो वे अपनी ही बुद्धि को दबा देते है ऐसा तब होता है जब इंसान के भीतर किसी को गालियाँ ,अपमान, शराब ,नशे ,पीटना जैसे काम करने के विचार पनपते है, तब बुद्धि इंसान को इन कुविचारो पर 3 या 6 बार प्रश्न करने विवश करती है,अगर मानो वो मन में सोचे की “अगर मैंने उसका जानबूझ अपमान किया तो मुझे कोई इससे लाभ नहीं मिलेगा “ “अगर मैंने शराब, drug ली तो मेरे स्वास्थ का क्या होगा और फालतू में जिंदगी क्यूँ बर्बाद करू “ ऐसे विचार बुद्धि से सोच समझ कर परखे जाये तो नीच से नीच इंसान भी ऊपर उठ सकता है यानि उसके जीवन में विकास हो रहा है | इसके विपरीत जब वह किसी लालच में पड़ कर शराब, नशे, जुआ जैसे काम करने लगता है तब ऐसी condition में व्याधियां उसके मन घर जमा लेती है | तब ऐसे में उसकी बुद्धि उसके मन में कुविचारो के नीचे दब जाती है और वह ही उसी को नष्ट करता है |ऐसे मनुष्य को महान उपन्यासकार प्रमचंद ने बिना सिंग का पशु बताया है |
“श्रीमदभगवदगीता में बार बार कहा गया है जिसकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है वह व्यक्ति नष्ट हो जाता है उसके दुःखी होने का प्रश्न नहीं उठता |”
इंग्लैंड के महान नाटककार william shakespeare कहते है की “तुम्हारी बुद्धि तुम्हारा गुरु है, बुद्धि एक ऐसा गुरु है जो प्रत्येक पल हमारा मार्गदर्शन करने के लिए उपस्थित रहता है .इस गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त करके हम अपने पुरे competion को निधारित कर सकते है और अपने भावी जीवन की समस्त योजनाये बना सकते है |बुद्धि विवेक के सहारे हम छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा निर्णय लेकर सही दिशा में अग्रसर हो सकते है |बुद्धि ही हमको यही बता देगा की हम कौनसी प्रतियोगिता की योग्य है तथा हमको उसमे सफल होने के लिए किस प्रकार की तैयारी करनी चाहिए | “
“में आप से कहता हूँ की अगर आप इसका उपयोग जितनी इमानदारी से करेंगे ,तो आपके जीवन में सफलता की भावना उतनी ही अधिक होगी “
मनुष्य और जानवरों के बीच इतना अंतर है की मनुष्य के पास बुद्धि नाम की एक power है जो जानवरों के पास नहीं है और बुद्धि के बल से ही मनुष्य सिंह और हाथी जैसे विशालकाय जानवरों को भी अपने वश में कर लेता है |क्या आप जानते है बुद्धि हमारे लिए कितनी आवश्यक है और इस दुनिया में केवल आधे से ज्यादा लोग ही जानते है | जानिए आखिर क्या मामला है
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बुद्धि एक परम तत्व है ,यह ईश्वर का दिया हुआ अपना साथी है जो हर अच्छे-बुरे समय में आपका साथ देता है | बुद्धि ही ऐसी power है जो इंसान को बुराई में जाने से रोकती है और मन को विकार से दूर रखने के लिए हर इन्द्रियों को अपने नियंत्रण में रखती है |क्या आप जानते है इस दुनिया में ऐसा कोई इंसान नहीं हुआ जो अपनी बुद्धि के विकास के बिना सबके दिल को जीत लिया हो | आखिर ऐसी क्या बात है इस दुनिया में बहुत से ऐसे मनुष्य है जो अपनी बुद्धि को पूरी तरह से प्रयोग नहीं करते | निष्कर्ष पर जाने तो वे अपनी ही बुद्धि को दबा देते है ऐसा तब होता है जब इंसान के भीतर किसी को गालियाँ ,अपमान, शराब ,नशे ,पीटना जैसे काम करने के विचार पनपते है, तब बुद्धि इंसान को इन कुविचारो पर 3 या 6 बार प्रश्न करने विवश करती है,अगर मानो वो मन में सोचे की “अगर मैंने उसका जानबूझ अपमान किया तो मुझे कोई इससे लाभ नहीं मिलेगा “ “अगर मैंने शराब, drug ली तो मेरे स्वास्थ का क्या होगा और फालतू में जिंदगी क्यूँ बर्बाद करू “ ऐसे विचार बुद्धि से सोच समझ कर परखे जाये तो नीच से नीच इंसान भी ऊपर उठ सकता है यानि उसके जीवन में विकास हो रहा है | इसके विपरीत जब वह किसी लालच में पड़ कर शराब, नशे, जुआ जैसे काम करने लगता है तब ऐसी condition में व्याधियां उसके मन घर जमा लेती है | तब ऐसे में उसकी बुद्धि उसके मन में कुविचारो के नीचे दब जाती है और वह ही उसी को नष्ट करता है |ऐसे मनुष्य को महान उपन्यासकार प्रमचंद ने बिना सिंग का पशु बताया है |
“श्रीमदभगवदगीता में बार बार कहा गया है जिसकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है वह व्यक्ति नष्ट हो जाता है उसके दुःखी होने का प्रश्न नहीं उठता |”
इंग्लैंड के महान नाटककार william shakespeare कहते है की “तुम्हारी बुद्धि तुम्हारा गुरु है, बुद्धि एक ऐसा गुरु है जो प्रत्येक पल हमारा मार्गदर्शन करने के लिए उपस्थित रहता है .इस गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त करके हम अपने पुरे competion को निधारित कर सकते है और अपने भावी जीवन की समस्त योजनाये बना सकते है |बुद्धि विवेक के सहारे हम छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा निर्णय लेकर सही दिशा में अग्रसर हो सकते है |बुद्धि ही हमको यही बता देगा की हम कौनसी प्रतियोगिता की योग्य है तथा हमको उसमे सफल होने के लिए किस प्रकार की तैयारी करनी चाहिए | “
“में आप से कहता हूँ की अगर आप इसका उपयोग जितनी इमानदारी से करेंगे ,तो आपके जीवन में सफलता की भावना उतनी ही अधिक होगी “

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